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आशीष प्रसाद मित्र की जीवनी - Biography of Ashish Prasad Mitra in hindi jivani

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नाम : आशी प्रसाद मित्र

जन्म दि : 21 फरवरी 1927

ठिकाण : कोलकाता, पश्चिम बंगाल,

व्यवसाय : भौतिक विज्ञानी

मर गए : 3 सितंबर 2007 80 वर्षे की आयू


प्रारंभिक जीवन :


        आशीष प्रसाद मित्र का जन्म 21 फरवरी 1927 को कोलकता, पश्चिम बंगाल मे हुआ था | मित्रा ने कलकत्ता ‍िविश्वविघालय के संबंध्द कॉलेज, बंगबासी कॉलेज मे अघ्यायन किया था | वे 1982 से 1986 तक राष्ट्रीय भैतिक प्रयोगशाला (NPL) के निर्देशक थे | और 1986 से 1991 तक वैज्ञानिक और औधेागिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के महानिर्देशक थे | आशीष प्रोसित मित्रा की पत्नी सुनंदा के साथ दो बेटियाँ थी | सितंबर 2007 मे नई दिल्ली मे उनका निधन हो गया | 


कार्य :


        आशीष प्रोसिड मित्र एफएनए, एफएएससी एक भौतिक विज्ञानी थे | जिन्होने दिल्ली, भारत मे राष्ट्रीय भौतिकी प्रयोगशाला का‍ि नेतृत्व् किया था | वैज्ञानिक और औधोगिक अनुसंधान परिषद सीएसआइआर के महानिर्देशक थे | उन्हे मुख्य रुप से पर्यावरण भौतिकी पर उनके काम के लिए जाना जाता है | 



        रेडियो और अंतरिक्ष भौतिकी उनके विशेषज्ञता का क्षेत्र था | उन्होंने समुह आधारित और अंतरिक्ष तकनीकों के माघ्याम से पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष वातावरण के क्षेत्र में प्रमुख कार्य किया था | उन्होंने उपरी वायुमंडल का अध्यायन करने के लिए कॉस्मिक रेडियो शोर पर काम किया था | जिसेस आयर्न मंडल, सौर भौतिकी और स्कॉस्मिक किरणों की खोज हुई थी |



        डॉ. मित्रा आययनोस्फीयर और अंतरिक्ष अनुसंधान के कुछ पहलुओं पर स्वीकृत अधिकारियों मे से एक है | उपरी वायूमंडल अध्यायन के लिए कॉस्मिक रेडियो शोर के उपयोग पर उनके अग्रणी काम के परिणाम स्वरुप आयनमंडल, सौर भौतिकी और कॉस्मिक किरणों मे वैज्ञानिक खोजो की एक पूरी श्रृखला हुई है | उन्होंने सोलर फलेयर्स के आयोस्फेरिक प्रभावों पर व्यापक रेडियो फलेयर सिस्टम की स्थापना की है | 


        उन्होने सैटेलाइट ड्रैग की टिप्प्णियों से एक वायूमंडलीय मॉडल विकसित किया था | और नए डी क्षेत्र रॉकेट प्रयोगो की शुरुआत की थी | उपरी वायुमंडल मे आयन और तहस्था रसायन विज्ञान पर डॉ मित्रों के काम विशेष रुप से मामुली घटक नाइट्रिक ऑकसाइड पर, कम आनमंडल के बारे मे हमारे वर्तमान ज्ञान के लिए आधार प्रदान किया था | उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्पेसवार सिस्टाम और अंतर्राष्ट्रीय उर्सि-ग्राम और विश्व् दिवस सेवा की स्थापना और संचालन मे महत्वापूर्ण योगदान दिया है |


सम्मान और पूरस्कार :


1) उन्हे 1968 मे भौतिक विाान के लिए शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया 

गया था |

2) बांग्लदेश एकेडमी ऑफ साइंसेज के विदेशी साथी |

3) 1987 मे पदमभूषण से सम्माानित

4) 1988 मे रॉयल सोसायटी ऑफ लंदन के फेलो

5) 1984-1987 के बीच इंटरनेशनल यूनियन ऑफ रेडियो साइंसेस के अध्यक्ष- यूआरएसआई सदस्या, 1984-1988 के बीच अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक परिषद की सामान्या समिती

6) फेलो – 1961 मे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी

7) 1974 मे भारतीय अकादमी विज्ञान के फैलो

8) 1988 मे यूड वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंसेज के फेलो

9) राष्ट्रपती 1992-1993 के बीच नेशनल नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज

10) 2002 मे मानद अध्यक्ष, यूआरएसआई

11) जवाहरलाल नेहरु फेजोशिप 1978-1980 के बीच

12) 1991-1996 के बीच वरिष्ठ होमी भाभा फैलो शिप

13) 1982 मे विश्वविघालय अनुदान आयोग का सीवी रमन पुरस्कार

14) ओम प्रकाश असीम को भौतिक विज्ञान के लिए 1987 मे पूरस्कार

15) 1982 मे भौतिक विज्ञान के लिए फिक्की पूरस्कार

16) 1991 मे भारतीय विज्ञान संध का मेघनाद साहा गोल्डान जुबली पूरस्कार

17) 1992 मे मोदी साइंस अवार्ड

18) 2002 मे पर्यावरण विज्ञान और प्रोघोगिकी पर वासुकी पुरस्कार

19) 1995 मे भारतीय विज्ञान कॉग्रेस एसोसिएशन व्दारा एसके मित्रा शताब्दी पदक

20) 1994 मे एशियाई सोसायटी व्दारा मेघनाद साहा पदक 

21) डीएससी ऑनर्स काँसा मणिपूर, कोलकत्ता, जादवपूर, बर्दवान नॉर्थ बैंगल, विघासागर के विश्वविघालयों से डिग्री |

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