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अशोक सेन की जीवनी - Biography of Ashoke Sen in hindi jivani

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नाम : अशोक सेन

जन्म दि. : 15 जुलाई 1956

ठिकाण : कलकत्ता, पश्चिम बंगाल भारत

व्यवसाय : भौतिक विज्ञानी

पत्नी : सुमति राव


प्रारंभिक जीवन :


        अशोक सेन का जन्म 15 जुलाई 1956 को कालकत्ता मे हुआ था | और वे स्कॉटिश चर्च कॉलेज मे भौतिकी के पूर्व प्रोफेसर अनिल कुमार सेन के बडे बेटे है | और गौरी सेन जो एक गृहिणी है | कोलकत्ता मे सतेंद्र सिरकार विदयालय से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने 1975 में कलकत्ता विश्वविघालय के तहत प्रेसीडेंसी कॉलेज से विज्ञान स्त्रातक की उपाधिक प्राप्त् की थी | और एक साल बाद भारतीय प्रौघेागिकी संस्थान कानपूर से अपने गुरु की प्रेसेंडेसी में स्त्रातक की पढाई पूरी की थी | वह अमल कुमार रायचौधरी के काम और शिक्षण से बहूत प्रेरित थे | उन्होंने स्टोनी ब्रूक विश्वविघालय में भौतिकी मे डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त् की थी |


कार्य :


        अशोक सेन एक भारतीय सैध्दांतिक भौतिक विज्ञानी और हरीश चंद्र अनुसंधान संस्थान, इलाहाबाद में प्रतिष्ठित प्रोफेसर है | वह IMT में मॉर्निंग स्टार विजिटिंग प्रोफेसर और कोरिया इंस्टीटयूट फॉर एडवांस्ड स्टडी मे प्रतिष्ठित प्रोफेसर भी है | उनके काम का मुख्य स्ट्रिंग सिध्दांत है | वह मौलिक भौतिकी पुरस्कार के पहले प्राप्तकताओं मे से था अशोक सेन ने स्ट्रिंग थ्थोरी के विषय मे कई प्रमुख योगदान दिए, जिसमे मजबूत – कमजोर युग्म्न व्दैत या एस व्दंद पर उनका ऐतिहासिक पेपर शामिल था | जो क्षेत्र मे अनुसंधान के पाठयक्रम को बदलने मे प्रभावशाली था | उन्होंने अखिर डी-ब्रान्स् के अध्यायन का बीडा उठाया था | और इस तरह के ब्रान्स् पर खुले स्ट्रिंग टैचिओन संधनन के बारे प्रसिध्द सेन ने अनुमान लगाया था | रस्सा कस्तूरी मे उनका वर्णन सस्साकशी का प्रभावशाली रहा है | उन्होंने र्स्टिंग फिल्ड सिध्दांत पर कई महत्वपूर्ण् पत्रों का सहलेख्ंन भी कीया है |



        1998 मे उन्होंने सैध्दांतिक भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग व्दारा नामांकित होने पर रॉयल सोसायटी की फैलोशिप जीती थी | उनके योगदानों में अतिवादी ब्लॉक होल के लिए एन्ट्रापी फंक्शन औपचारिकता और आकर्षित करने वालों के लिए अनुप्रयोग शामिल है उनके हाल के महत्वपूर्ण् कार्यो मे अकर्षण तंत्र और ब्लैक होल के माइक्रोस्टैटस की सटीक गिनती है | और र्स्टिंग गडबडी सिध्दांत मे नार विकास शामिल है | वह मानद साथी के रुप मे भारत के भुवनेश्वर के राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (NISER) में शामिल हुए थे |


पुरस्कार और सम्मान :


1) 1989 मे ICTP पुरस्कार

2) 1991 मे भारतीय विज्ञान अकादमी के साथी 

3) 1994 मे एस एस भटनागर पुरस्कार

4) TWAS पूरस्कार 1997

5) 1996 मे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के साथी 

6) 2001 मे पदमश्री

7) गणितीय विज्ञान मे इन्फोसिस पुरस्कार 2009

8) डॉक्टर ऑफ साईस ॲनोरिस कोसा 2009

9) IIT खडगपूर व्दारा सम्मानित किया गया |

10) डॉक्टर ऑफ साइंस ऑनोरिस कॉसा 2011

11) बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस यूनिवर्सिटी, शिवपूर वर्तमान मे भारतीय इंजीनियरिंग विज्ञान और प्रौघोगिकी संस्थान, शिबपूर व्दारा सम्मानित किया गया |

12) मौलिक सिध्दांत पर उनके काम के लिए मौलिक भौतिकी पुरस्कार 2012

13) 2013 मे पदमभूषण्

14) 2013 मे संसद बिरला मेमोरियल अवार्ड

15) डॉक्टर ऑफ साइंस ऑनोरिस कॉसा 2013 आईआई टी बॉम्बे व्दारा सम्मानित किया गया |

16) डॉक्टर ऑफ लिटरेचर मानद 2013 जादवपूर ‍िविश्वविघालय व्दारा सम्मानित किया गया 

17) 2014 मे डीरेक पदक

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