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दिपक पेंटल की जीवनी - Biography of Deepak Paintal in hindi jivani

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नाम : दिपक पेंटल

जन्म तिथी : 1951

ठिकाण : नई दिल्ली

व्यावसाय : अनुसंधान, शिक्षाविद


प्रारंभिक जीवनी :


        दिपक पेंटल का जन्म 1951 को नई दिल्ली मे हुआ था | उन्हेांने 1971 मे पंजाब विश्वाविदयालय चंदीगढ के विभाग से अपना बिएससी ऑनर्स पूरा किया था | एमएससी ऑनर्स स्कूल पूरा किया था | और बाद मे उन्हेांने अपनी पीएचउी 1978 मे रटगर्स विशविघ्यालय संयुक्ता राजया अमेरिका से पूरी किया था |


कार्य :


        दिपक पेटल दिल्ली विश्वाविघ्यालय मे जेनेटिक्वसा के प्रोफेसर और पूर्व कूलपति है | वह एक प्रख्यात शोधकर्ता है | जिनके वर्तमान अनुसंधान के हितों मे ट्रांसजेनिक और फसलों कि मार्कर सहायता प्रदान कि जाती है |


        उनहेांने 1 सितंबर 2005 को प्रोफेसर दिपक नैयर के उत्तराधिकारी के रुप मे विश्वाविघ्यालयसाऊथ कैपस मे जेनिटिक्सा के प्रोफेसर के रुप मे प्रेवश लिया था | पैंटी ने 2000: 2005 तक दिल्ली विश्वाविघ्यालय साऊथ कैंपस के निदेशक रह चुके थे | 2005: 2010 तक वह विश्वाविघ्यालय के कुलपति थे |


        पेटल के अनुसंधान के हित सरसों और कपास के प्रजनन मे निहित है | उनहेांने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साथियों कि समीक्षा क‍ि गई पत्रिकाअें मे साठ से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए है | और उनके काम से संकर बीज उत्पादन प्रौघोगिकीयों मे बडी सफलता मिली है | पेंटल सामाजिक विज्ञान निती का एक उत्सूक छात्र है | जो विशेष रुप से कृषि के क्षेत्र मे संबंधित है |


        उनके जैव कुछ कार्यो का वर्णन नीचे दिया गया है :


1) जैव प्रौधोगिकि विभाग डिबीटी व्दारा वित्ता पोषित चार प्रमूख फसलों मे कपास, चावल मुंगबीन और टमाटर के प्रतिरोध के लिए ट्रांसजेनिक्सा का विकास|

2) न्यू मिलेनियम इंडियन टेक्नोलॉजी लीडरशीप इंजिशिरएटिव एनएमआयटीएवलआय व्दारा वित्ता पोषित जीन डिस्कवरी और अभिव्याक्ति मॉडूलन के लिए प्रौघोगिकी मे कार्यात्माक जीनोमिक्सा जीन डिस्कावरी और अभिव्याक्ति मॉडूलन के लिए प्रौघोगिकि का उपयोग|

3) ट्रांसजेनिक फसलों पर वर्तमान विज्ञान का एक विशेष अंक संपादित किया था | उन्होंने एक ही खड मे तीन लेखो का भी योगदान दिया था |

4) भारतीय कृषी मे भारतीय कृषि के लिए ट्रांसजेनिक फसल उनके मूल्यांकन और प्रभावी उपयोग का एक लेख मे योगदान दिया और भारतीय कृषि मे संस्थागत मुद्रदे और चुनौतिया एड डॉ रमेश चंद |


पूरस्कार और सम्मान :

1) गांधी दर्श्न मे डिप्लोमा मे प्रथम स्थान के लिए पंजाब विश्वाविघ्यालय को स्वर्ण पदक से सम्मानित|

2) कोलोन मे मैक्सा प्लैंक इंस्टीटयूट मे काम करने के लिए रॉकफेलर फाउंडेशन व्दारा 1986 मे एक जैव प्रौघोगिकी कैरियर फेलोशिप से सम्मानित किया गया |

3) 2004 मे उनहें जवाहरलाल नेहरु फैलोशिप से सम्मानित किया गया था |

4) राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत, भारतीय विज्ञान् अकादमी और भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के निर्वाचित सदस्या था |

5) सीएसआईआर के सदस्या निकाय|

6) जर्नल ऑफ बायोसाइंसेज एंड करंट साइंसेस संपादकिया बोर्ड|

7) 1986से डीएसटी और डीबीटी मे विभिन्ना परियोजना सलाहकार समितीयों मे सदस्या|

8) सीआयएमंपी और टीएचबीटी के आरएसी के सदस्या|

9) 2007 मे फ्रांस सरकार व्दारा अनुसंधान और शिक्षा मे योगदान के लिए उन्हें ऑफिसियर डेस पाल्म्स एकेडिमिक्सा से सम्मानित किया गया था |

10) 2018 मे महिंद्रा समृध्दी फाउंडेशन व्दारा लाइफटाइम अचीवमेंट आवार्ड से सम्मानित|

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