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अर्चना शर्मा की जीवनी - Biography of Archana Sharma in hindi jivani

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नाम : अर्चना शर्मा

जन्म दि. : 16 फरवरी 1932

ठिकाण : पुणे, भारत

व्यवसाय : वनस्पाति विज्ञानी, साइटोजेनेटिकिस्टा

पति : अरुण कुमार शर्मा


प्रारंभिक जीवनी :


        अर्चना शर्मा का जन्म 16 फरवरी 1932 को पूणे मे शिक्षाविेंदो के परिवार मे हुई थी | राजस्थान मे उनकी प्रारंभीक शिक्षा हुई थी | उनके बीकानेर से बी एस सी की पढाई पूरी की थी | और बाद मे कलकत्ता विश्वाविदयालय के वनस्पाति विज्ञान विभाग मे प्रवेश लिया था | और एम एस सी की डिग्री 1951 मे प्राप्ता की थि | उसके बाद पी एच डी डिग्री 1955 मे हासिल की थी | डी एस सी 1960 मे कलकत्ता विश्वाविदयालय से साइटोजेनिटीक्सा, मानव आनुवंशिकी और पर्यावरणीय उत्पारिवर्तन उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की थी | उनके पास एक शानदार अकादमिक करियर था और डी एस सी हासिल करने वाली वह दुसरी महिला थी | शर्मा की शादी अरुण कुमार से हुई थी | जिन्हें कई भारतीय फादरोलॉजी का पिता मानते थे | 14 जनवरी 2008 को उनकी मृत्यू हो गई |


कार्य :


        अर्चना शर्मा एक प्रसिध्दा भारतीय वनस्पाती विज्ञानी, साइटोजेनेटिकिस्टा, सेल बायोलॉजिस्टा और साइटोटॉक्सिकोलॉजिस्टा थी | उनके व्यापक रुप से पहचाने गए योगदानों मे सनस्पाति प्रजनन वाले पौधो मे सटट्रेबाजी का अध्यायन व वयस्का नाभिक मे कोशिश विभाजन का समावेश पौधो मे विभेदित ऊनकों मे पॉलीटेनी का कारण फूलों के पौधो का साइटोंटैक्सौनमी और पानी मे अर्सेनिक प्रभाव शामिल है |


        शर्मा विश्वाविदयालय अनुदान आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, विज्ञान और इंजिनियिरिंग अनुसंधान परिषद, पर्यावरण विभाग, प्रवासी वैज्ञानिक सलाहकार समिति , जैसे अन्या कई संगठनों के सदस्या थे | शर्मा ने जैव प्रौधोगिकी विभाग के एकीकृत जनशक्ति विकास पर टास्का फोर्स मे अध्यक्ष के रुप मे भी कार्य किया है |


        1967 मे शर्मा कलकत्ता विश्वाविदयालय मे संकाय के रुप मे शामिल हो गए थे | बाद मे 1972 मे कोलकाता मे युनिवर्सिटी ऑफ एडवांस स्टडीज इन सेल एंड क्रोमोसोम रिसर्च मे जेनेटिक्सा के प्रोफेसर बन गए थे | 1981 मे उन्हें वनस्पति विभाग के प्रमुख के रुप मे पदोन्नात किया गया था | अपने करियर के दौरान , शर्मा 10 पुस्तके और 300 से 400 शोधपत्रों को प्रकाशित किया है |


        उन्होंने 1965 मे अपने पति, साथी प्रोफेसर अरुण कुमार शर्मा के साथ क्रोमोसम टैक्निक थेअरी ॲन्ड प्रॅक्टिस पुस्ताक प्रकाशित कि थी | वह न्यूक्लियस की संस्थापक साइटोलॉजी और संबंध्दा विषयो की एक अंतररार्ष्टीय पत्रिका भी थी | और 2000 तक इसकी संपादक बनी रही | उन्होंने इंडियन जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल बायोलॉजी के संपादकीय बोर्ड, प्रेसीडिंग्सा ऑफ द इंडियन नेशनल मे काम किया था |


        शर्मा ने प्रकाशकों के लिए CRC प्रेस, ऑक्साफोर्ड IBH क्लूवर एकेडमिक नीदरलैंड और गॉर्डन और बीच यूके जैसे कई वैज्ञानिक संस्कारणों का संपादन किया था | 1987 मे अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साईस, शिकागो यू एस ए की एक बैठक में भारतीय आबादी मे पर्यावरण और अनुवंशिक बहुरुपता विषय पर एक व्याख्यान दिया था |


पूरस्कार और सम्मान :


1) वैज्ञानिक और औघोगिक अनुसंधान परिषद व्दारा शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 1976 के प्राप्तकर्ता थे |

2) 1974 मे विश्वाविदयालय अनुदान आयोग व्दारा जेसी बोस अवार्ड 

3) 1980 मे यू जी सी नेशनल लेक्च्रर

4) 2005 मे प्रख्यात शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित 

5) 1983 मे फिक्की अवार्ड से सम्मानित

6) 1984 मे बीरबल साहनी मेडल से सम्मानित

7) 1995 मे इंडियन बोटन सोसायटी, जी पी चटर्जी अवार्ड, सिन्हा पुरस्कार

8) 1999 मे महिला वैज्ञानिक पुरस्कार, भारतीय विज्ञान कॉग्रेस एसोसिएशन व्दारा आशुतोष मुखर्जी पदक

9) 1984 मे भारत सरकार व्दारा पदमभूषण पूरस्कार


पूस्तके :


1) क्रोमोसोम तकनीक : सिध्दांत और व्यवहार

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