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अर्नबराय चौधरी की जीवनी - Biography of Arnab Rai Choudhuri in hindi jivani

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नाम : अर्नबराय चौधरी

जन्म : 9 नवबंर 1956

ठिकाण : कोलकाता, पश्चिम बंगाल

व्यवसाय : वैज्ञानिक


प्रारंभिक जीवन :


        अर्नबराय चौधरी का जनम 9 नवंबर 1956 को हुआ था | कोलकता शहर में पालन पोषण हुआ था | उनके पिता सुनील राय चौधुरी 3 अक्टूबर 1920 – 30 जून 2009 वह राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर थे | और प्रेसिंडेसी कॉलेज, कोलकाता के प्रिसिपल के रुप मे सेवानिवृत्त् हुए थे | उनकी माँ का नाम सुलेखा 1 फरवरी 1927-16अगस्त् 2006 एक गृहिणी थी | अर्नबराय चौधुरी ने 4 जनवरी को महुआ घोषसे शादी करली थी | वह बैंगलोर के माउंट कार्मेल मे भौतिकी के शिक्षक है | 


        उनके दो बेटे है – अर्का 19 मई 1992 और मुकूल 16 जनवरी 1997 उन्होंने 1978 मे कलकत्ता, विश्वाविदयालय के तहत प्रेसीडेंन्सी कॉलेज से विज्ञान स्त्रातक की डिग्री प्राप्त की थी | और भारतीय प्रोघोगिकी संस्थान कानपूर से भौतिकी मे एम एस सी की डिग्री प्राप्त् की थी | उन्होंने प्रोफेसर एन पार्कर की देखरेख मे काम करते हुए 1985 मे शिकागो विश्वाविदयालय मे पी एच डी की उपाधिक प्राप्ता की थी | 1987 तक अगले दो वर्षो के लिए उन्होने हाई एल्टीटयूट ऑब्जर्वेटरी, बोल्डार, यूएसए मे शोध किया था | 1987 मे वह लेक्च्रर के रुप मे भारतीय विज्ञान संस्थान IISC के भौतिकी विभाग मे शामिल हो गए थे | और 2002 मे वहां प्रोफेसर बन गए थे |


कार्य :


        अर्नबराय चौधुरी एक भारतीय वैज्ञानिक है | जो एस्टोफि जिकल MHD के क्षेत्र मे काम कर रहे है | विशेष रुप से सौर चुंबकीय चक्रा के सदर्भ मे कार्य किया है | अर्नबराय चौधुरी स्टीयरिंग कमेटी, डिवीजन ई सन और हेलि ओस्फेयर, इनटेन्शानल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के दो कार्यकाल 2012-2018 के लिए निर्वाचित सदस्या है |


        अर्नबराय चौधुरी सौर मैग्नेटोडायनामिक्सा के क्षेत्र मे दुनिया के अग्रणी वैज्ञानिकों मे से एक है | उन्होंने डायनेमो प्रक्रिया व्दारा सनस्पॉटस के निर्माण और 11 साल के सौर चक्र के निर्माण मे मौलिक योगदान दिया गया है | वह भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर मे भौतिकी के प्रोफेसर के रुप मे कार्य करते है |


पुरस्कार और सम्मान :


1) वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंसेस TWAS 2016 के फेलो |

2) नेशनल एकेडमी ऑफ साइासेज NAS भारत के फेलो |

3) भारतीय विज्ञान अकादमी IAS भारत के फेलो |

4) रुस्ताम चोकसी अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन रिसर्च इन साइंस / इंजीनियरिंग 2012

5) अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्डाट फैलोशिप 1994, 2002


पुस्तके :


        वह दो उन्न्त पाठय पुस्तकों और एक लोकप्रिय विज्ञान पुस्ताक के लेखक है |

1) तरल पदार्थ और प्लास्मा का भौतिकी : खगोल भौतिकीविदों के लिए एक परिचर

2) भौतिकविंदो के लिए खगोल भौतिकी

3) प्रकृति का तीसरा चक्र : सनस्पॉटस की एक कहानी

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