नाम : अरुण कुमार पति
जन्म : 13 अप्रैल 1966
ठिकाण : कोकलुंडा, गंजम, ओडिशा
व्यवसाय : भौतिक विज्ञानी
प्रारंभिक जीवनी :
अरुण कुमार पति का जन्म 13 अप्रैल 1966 मे कोकलुंडा गाँव मे हुआ था | मूल रुप से भारत मे ओडिसा रा्य से, पाटी नो मुंबई विश्वाविदयालय, मुंबई से पीएचडी की उपाधि प्राप्ता की थी | 1989 मे , उन्होंने सैध्दांतिक भौतिकी प्रभाग BARC, मुंबई भारत मे एक सैध्दांतिक भौतिक विज्ञानी के रुप मे पद संभाला था | 1998-2000 तक वह वेल्सा विश्वाविदयालय, बांगोर, यूके मे एक विजिटिंग साइंटिस्टा और ईपीएसआरसी के साथी थे | वह 2001-210 तक भारत के भुवनेश्वर स्थित भौतिकी संस्थान मे एक विजिटिंग साइंटिस्टा थे |
कार्य :
अरुण कुमार पति कांटम सूचना और संगणना, जामितीय चरणों के सिध्दांत और इसके अनुप्रयोगों साथ ही काटम यात्रिककी मे अपने शोध के लिए उल्लेखनिय एक भारतीय भौतिक विज्ञानी है | उन्होंने कांटम सूचना के क्षेत्र मे अग्रणी योगदान दिया है | उन्हें भारत मे कांटम सूचना और कांटम गणना के क्षेत्र मे एक महत्वापूर्ण भौतिक विज्ञानी माना जाता है |
सैमुअल एक ब्रौनस्टीनन के साथ, उन्होंने कांटम नो डिलीटिंग प्रमेय साबित किया था | नो क्लोनिंग प्रमेंय के समान नो डिलीटिंग प्रमेय कांटम यात्रिकी की रैखिकता का स एक मौलिक परिणाम है | इससे साबित होता है कि अज्ञात काटम रा्जय की दो प्रतियॉ हम एक प्रति नही हटा सकते है कि हम कांटम सूचना को न तो बना सकते है | और नही नष्टा कर सकते है | ब्रौनस्टीन के साथ उनके अन्या महत्वापूर्ण सहयोगी कार्यो मे कांटम नो –हाइडिंग प्रमेय शामिल है | उन्होंने कांटम सूचना सिध्दांत मे दूरस्था राजय तैयारी प्रोट्रोकॉल की भी खोज की थी, जिसका प्रायोगिक तौर पर कई समूहों व्दारा परिक्षण किया गया है |
उन्होंने अन्या वैज्ञानिकों के साथ मिश्रित रा्जयों के लिए जयामितीय चरण की अवधारणा पेश की थी | यह प्रयोगात्माक रुप से दुनिया भर के कई समुहों व्दारा मापा गया है | एक अन्या मौलिक काम मे, एल मैककॉन के साथ पार्टी ने मजबूत अनिश्चितता संबंधो की खोज की है | जो की हाइजेनबर्ग अनिश्चितता संबंध से परे है | ये नए संबंध असंगत वेधशालाओं की धारण को पकडते है | और दिखाते है कि कांटम दुनिया, हाइजेनबर्ग- रॉबर्टसन के अनिश्चितता के संबंध से अंधीक अनिश्चित है |
पूरस्कार और सम्मान :
1) 1998-2000 तक वह वेल्सा विश्वाविदयालय बांगोर यूके मे एक विजिटिंग साइंटिस्टा और ईपीएसआरसी के साथी थे |
2) वह 2001-2010 तक भारत के भुवनेश्वार स्थित भौतिकी संस्थान मे एक विजिटिंग साइंटिस्टा थे |
3) 2013-14 के दौरान झेजियांग विश्वाविदयालय, हांग्जो, चीन मे केपी चेयर प्रोफेसरशिप से सम्मानित किया गया |
4) पाटी इंडिया फिजिक्सा एसोसिएशन अवार्ड फॉर यंग फिजिसिस्टा ऑफ द ईयर 2000
5) इंडियन फिजिकल सोसायटी अवाउस फॉर यंग सांइटिस्ट 1996 के प्राप्ताकर्ता है |
6) उडिसा बिग्यान अकादमी, भूवनेश्वर ओडिसा से वर्षे 2009 के लिए सामंत चंद्रा शेखर पुरस्कार के प्राप्ता कर्ता भी है |
7) वह भारतीय विज्ञान अकादमी बंगलोर के एक निर्वाचित फैलो है |
8) 2013 मे उन्हे द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज भारत का फेलो भी चूना गया था |
पुस्तके :
1) सैमुअल एल ब्रौनस्टीन और अरुण के पेटी कांटम इंफोर्मेशन विद कंटीन्यूअस बेरिएबल्सा
2) डेरेक एबॉट, पॉल सीडब्यू डेविस, और अरुण के पति शेजर पेनसेस, कांटम एस्पेक्टस ऑफ लाइफ, इंपीरियल कॉलेज प्रेस 2008.