नाम : गोविंदराजन पदमनाभन
जन्म तिथी : 20 मार्च 1938 आयू 81
ठिकाण : मद्रास, भारत
व्यावसाय : जैव रसायनशास्त्री
प्रारंभिक जीवनी :
गाविंदराजन पदमनाथन का जन्म 20 मार्च 1938 केा भारत के मद्रास मे हुआ था | पदमनाभन को इंजिनियरों के एक परिवार मे लाया गया था | उनका तालूक तामिलनाडू के तंजौर जिले से है | लेकिन वे बैंगलोर मे बस गए थे |
बैगलोंर मे स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्हेांने एक इंजिनियरींग कॉलेज मे दाखीला लिया था | हालांकि उन्हेांने इंजिनियरिंग कि निर्बाघ पाया और उन्होंने रसायान शास्त्र मे स्त्रातक कि डग्रिी पूरी करने के लिए मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज मे दाखिला लिया था |
उन्होंने भारतीय कृषि अनूसंधान संसान, नई दिल्ली मे मूदा रसायन विज्ञान मे स्त्रातकोत्तार पूरा किया था | और पीएचडी 1966 मे भारतीय विज्ञान संस्थान आयआयएससी बैंगलोर मे जैव रसायन विज्ञान मे स्त्रातक किया था |
कार्य :
गोंविदराजन पघनाभन एक भारतीय जैव रसाायन शास्त्री और जैव प्रौघोगिकिविदू है | वह भारतीय विज्ञान संस्थान आयआयएससी के पूर्व निदेशक थे | वह वर्तमान मे आयआयएससी मे जैव रसायन विभाग मे मानद प्रोफेसर के रुप मे करते है |
अपने शोध के प्रारंभिक वर्षो मे, उन्होंने मूख्या रुप से यकृत मे यूकेरियोटिक जीन के ट्रॉसक्रिप्शनल विनियमन मे काम किया था | वह सेलूलर प्रकियाओं मे हीम कि बहमूखी भूमिका को स्पष्ट करने मे रुचि रखते थे |
उनके समूह ने मेलेरिया परतीवी मे हीम बायोसिंथेटिक मार्ग कि खोज कि थी | और इसे एक दवा लक्ष्य बनाया था | उनहे टीका विकास के क्षैत्र मे भी रुची थी | उनकी टीम 2004 मे कॉर्किमिन कि एंटीमैरलियल प्रॉपर्टी और संयोजन चकित्सा मे इसकी प्रभवाकिरता दिखाने मे सफल रही थी |
पूरस्कार और सम्मान :
1) विज्ञान और प्रौधोगिकी के लिए शांती स्वरुप भटनाग्र पूरस्कार 1983|
2) पदमश्री 1991|
3) पदमभूषण 2003|
4) राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञन आकादमी कि फैशोशिप