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होमी नुसरवानजी की जीवनी - Biography of Homi nusarawanji in hindi jivani

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नाम : होमी नुसरवानजी

जन्म तिथी : 24 अगस्ता 1923

ठिकाण : मुंबई, बॉम्बे प्रेसीडेंसी

व्यावसाय : परमाणू, वैज्ञानिक, रासायनिक इंजीनियर

मृत्यू : 5 सितंबर 2010 87 वर्षे कि आयू


प्रारंभिक जीवनी :


        होमी सेठना का जन्म 24 अगस्त 1923 केा बॉम्बे मे एक पारसी परिवार मे हुआ था | उन्हेांने अपनी स्कूल शिक्षा सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, फोर्ट बॉम्बे पूरी कि थी | और उसके आगे कि शिक्षा विमिगन यूनिवर्सिटी ऑफ एनबर से कि थी |


कार्य :


        होमी सेठना एक भारतीय परमाणू वैज्ञानिक और एक रासायनिक इंजिनियर थे | उन्होंने परमाणू ऊर्जा आयेाग भारत के अध्याक्ष के रुप मे कार्य किया था | जब पोखरण मे पहला परमाणू परीक्षण, कोडीनम स्माइलिंग बुध्दा 1974 मे टैस्टा रेंज आयेाजित कि गई थी | वह भारत मे असैनिक परमाणू कार्यक्रम के साथ साथ परमाणू ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण का प्राथमिक और केंद्रीय आकडा था | 


        इससे पहले अपने करीयर मे मोनाजाइट रेत से दुर्लभ पूथ्वी को अलग करने के लिए केरल भारत के अलवे मे थोरीयम निष्कर्षण कि स्थापना के लिए पूरी तकनीकि जिम्मेदारी थी | वह परमाणू आयोग के अध्याक्ष थे | मे वे महाराष्ट्र के पूणे मे स्थित महाराष्ट्र अकादमी ऑफ साइंसेज के पहले अध्याक्ष बने थै |


        उनहेांने भारत के ट्रॅम्बे मे परमाणू ग्रेड यूरेनियम धातू के उत्पादन क लिए थोरियम संयंत्र और संयंत्र का 1959 मे ट्रॉम्बे मे प्लूटोनियम प्लांट कि स्थापना कि थी |


        यह पूरी तरह से भारतीय वैज्ञानिकों और इंजिनियरेां व्दारा एचएन सेठना के तहत प्रोजैक्ट इंजीनियर के रुप मे डिजाइन और निर्मीत किया गया था | वह 1956: 58 मे कनाडा इंडिया रिएक्टर नामक 40 मेगावॅट के रिएक्टर के प्रोजेक्टर मेनेजर भी थे | वर परमाणू और अयोग के तत्कालीन अध्याक्ष थे |


पूरस्कार और सम्मान :


1) उनहें 1959 मे पदमश्री से सम्मानित किया गया था |

2) उनहे 1960 मे शाती स्वरुप भटनागर पूरस्कार से सम्मानित किया गया था |

3) 1966 मे उनहे पदमभूषण से सम्मानित किया गया था |

4) 1967 मे मिशिगन यूनिवर्सिटी सेव्हिसेंटेनियल अवार्ड से सम्मानित किया गया था |

5) उनहे 1975 मे पदमविभूषण से सम्मानित किया गया था |

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