नाम : रमेश भटाचार्य
जन्म : 24 अगस्ता 1960
ठिकाण : पश्चिम बंगाल, भारत
व्यावसाय : रसायनज्ञ, प्रोफेसर
प्रारंभिक जीवनी :
रमरेश भटाचार्य एक भारतीय अकार्बनिक और ऑर्गोनोमेटिक रसायनज्ञ और जादवपूर विश्वाविघ्यालय मे रसायन विभाग विज्ञान के प्रोफेसर है | वह विश्वाविघ्यालय मे विज्ञान संकाय के एक डीन के रुप मे भी कार्यरत है | रमेरेश भटाचार्य का जन्म 24 अगस्ता 1960 मे भारत के पश्चिम बंगाल राजया मे हुआ है |
सन 1978 मे उन्हेांने रसायन विज्ञान मे बीएससी उत्तीर्ण कि है | उसके बाद जादवपूर विश्वाविघ्यालय कोलकता से सन 1980 मे उन्हेांने अपनी मास्टार कि उपाधि प्राप्ता कि है | 1986 मे उन्हेांने इंडियन एसोसिएश्ंन ऑफ द कल्टिवेशन ॲफ साइंस से आयससीएस कोलकत्ता से पीएचडी प्राप्त कि है |
कार्य :
रमेरेश ने जादवपूर विश्वाविघ्यालय मे रसायन शास्त्र विभाग मे एक संकाय के रुप मे काम किया है | तब से वहां पर वे सेवावृत रहे है | उनहेांने संस्था मे अकार्षानिक रसायन विज्ञान के प्रोफेसर के रुप मे भी काम किया अब वह विज्ञान संकाय के डीन है |
रमरेश को कार्बनिक आणूओ कि सक्रियता मे उनके आयोग के संबध मे प्लेटिनम समूह धातूओं के समन्वय याग्गिको पर उनके अध्यायन के लिए जाना जाता है |
रुथेनियम रोडियम पैलेडियम, ऑस्मियम, इरिडियम और प्लैटिनम पर शोध किए है | उन्हेांने प्लेटिनम समूह के धातूओं पर ध्यान केंद्रीत किया है शोधो का दस्ताविजीकरण किया है | विश्वाविघ्यालयों और अन्या उच्चा शैक्षणिक संस्थानो मे एक एस एंड टी इन्फ्रास्ट्रक्चर के सूधार के लिए फंड कि रासायनिक विज्ञान के लिए विषय विशेषज्ञ समिती मे बैठते है |
रमरेश सन 2017 मे टाटा इंस्टीटयूट ऑफ फंडामेंटर रिसर्च व्दारा आयोजित उन्नात जैविक अकार्बनिक रसायन विज्ञान एसएबीआयसी : 2017 पर पांचवी संगोष्ठी कि राष्ट्रीय आयेजन समिती के सदस्या है |
उपलब्धि :
पूरस्कार और सम्मान :
1) सन 2005 मे उन्हें भारत सरकारव्दारा शांती स्वरुप भटनागर पूरस्कार से सम्मानित किया गया है |
2) सन 2006 मे उन्हें रसायनिक अनूसंधान सोसायटी का कांस्या पदक प्राप्ता हुआ है |
3) सन 2006 मे उन्हें भारतीय विज्ञान अकादमी व्दार और पश्चिम बंगाल एकेडमी ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजीव्दारा साथी के रुप मे चुना गया है |
ग्रंथ/पूस्तक :
1) रमरेश भटाचार्य और सहसाथीयोंव्दारा |
2) 2013: सीबीआर और सी सी बॉन्ड सक्रियण के माघ्याम से ऑर्गिनोपॉलियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण सीसी और सीएन यूग्मन प्रतिक्रयाओं मे अनूप्रयोग