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शिवराम भोज की जीवनी - Biography of Shivaram Bhoj in hindi jivani

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नाम : शिवराम भोज

जन्म : 9 अप्रैल 1942

ठिकाण : कोल्हापूर, कसाबा, भारत

व्यावसाय : परमाणू वैज्ञानिक


प्रारंभिक जीवनी :


        शिवराम भोज एक प्रतिष्ठित भारतीय परमाणू वैज्ञानिक है | उन्हेांने डिजाइन, निर्माण संचालन और अनूसंधान और विकास मे चालीस वर्षो तक फास्टा थ्रीडर परमाणू रिएक्टर प्रौघोगिकी के क्षेत्र मे काम किया है | शिवराम भोज का जन्म 9 अप्रैल् 1942 को भारत के महारार्ष्ट्रा राजया कोल्हापूर के कसाबा गांव मे हुआ था |


        उन्हेांने अपनी स्कूली शिक्षा दादा साहेब मगदूम हाई स्कूल कसाबा गांव से पूरी कि है | उन्हेांने राजाराम कॉलेज कोल्हापूर से आगे कि शिक्षा प्राप्ता कि है | सन 1965 मे उन्हेांने अपनी सीओईपी यूनिविर्सिटी पुणे से मैकेनिकल इंजिनियरींग उन्होंने भाभा परमाणू अनूसंधान केंद्र प्रशिक्षण स्कूल से परमाणू विज्ञान और इंजिनियरींग मे एक वर्ष का पूरा किया है | 


कार्य :


        शिवराम ने बीएआरसी ट्रॉम्बे वैज्ञानिक अधिकारी के रुप मे काम किया है | उन्हेांने वहां प्रायोगिक रिएक्टर के डिजाइन के लिए फास्टा रिएक्टर सेक्शन मे भी काम किया है | वह 1969 से 1970 मे 13 मेगावॉट के फास्टा ब्रीउर टैस्ट रिएक्टर एफबीटीआर कि डिजाइन टीम के सदस्या के रुप मे, केंद्र डिएटयूइस न्यूक्लियर कैडरैंच फ्रांस मे एक साथ कि प्रतिनियूक्ती पर रहे है | सन 1971 मे उन्हेांने इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च, कलपक्कम मे काम किया है |


        सन 1985 मे उन्हेांने न्यूक्लियर सिस्टाम डिवीजन के प्रमूख के रुप मे काम किया है | वह 500डब्लयूएम ई प्रोटोटाइप के फास्टा ब्रीडर रिएक्टर पीएफबीआर के प्रारंभिक डिजाइन के जिम्मेदार रहे है | उन्हेांने डिजाइन के लिए परिष्कृत विश्लेषण करने के लिए केंद्र के क्षमता विकसीत कि है | उन्हेांने एईआरबी मानदंडो के अनूसार पीएफबीआर डिजाइन सुरक्षा मानदंड विकसति किए है | उन्होंने परमाणू ऊर्जा विभागकि कई समतियों के सदस्या और अध्याक्ष के रुप मे किया है |


        सन 2000 मे वह इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च के निदेशक बने उन्हेांने डिजाइन आरएंडडी, विनिर्माण प्रौघोगिकी विकास मे अपना महत्वापूर्ण योगदान दिया है | उन्होंने 1987 से 1997 के दौरान आयएईए के सदस्या के रुप मे भारत का प्रतिनिधीत्वा किया था | वह सन 2004 मे सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ता हो गए थे | उसके बाद वह शिवाजी विश्वाविघ्यालय मे एक शैक्षिक सलाहकार के रुप मे काम कर रहे है | शीवराम आयसीटीई के सदस्या भी है | वह आमही संधोनकर के संस्थापक सदस्या है |


उपलब्धि : 


पूरस्कार और सम्मान :


1) शिवराम को सन 2003 मे भारत सरकार व्दारा पघश्री पूरस्कार से सम्मानित किया गया है |

2) उन्हे 2006 मे एच के फिरोदिया पूरस्कार प्रातपा हुआ है

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