नाम : जलीस अहमद खान तारेन
जन्म तिथी : 1947
ठिकाण : मैसूर, कर्नाटक, भारत
व्यावसाय : भूगर्भशास्त्रज्ञ
प्रारंभिक जीवनी :
जलीय तारेन का का जन्म 1947 को कर्नाटक के मैसूर मे हुआ था | उन्हेांने मैसूर विश्वाविघ्यालय, भारत से विज्ञान जियोलॉजी मे 1967 केा पढाई पूरी कि थी | उन्होंने 1977 से प्रायोगिक खनिज विज्ञान मे पीएचडी कि उपाधि प्राप्त कि थी | उन्होंने 1987 मे बोर्डो विश्वाविघ्यालय फांस से ठोस राजया रसायन विज्ञान मे दूसरी पीएचडी कि उपाधि प्राप्ता कि थी |
कार्य :
जलीस तारेन जिन्हे जाक तारेन के नाम सेभी जान जाता है | वे 2013 से 31 मार्च 2015 तक चेन्नाई भारत मे बीएस अब्दूर रहमान विश्वाविघ्यालय के कुलपति थे | वह भारत से दक्षिण एशिया फाउंडेशन एसएएफ के वर्तमान सलाहकार बोउर् के सदस्यों मे से एक है |वह टोक्यो इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी जापान बोर्डो विश्वाविदयालय फांस एडिनबर्ग विश्वाविघ्यालय स्कॉटलंड और मेकेले विश्वाविघ्यालय इथियोपिया मे एकविजीटिंग वैज्ञानिक भी थे |
तारेन ने 33 साल 1967: 2000 लेक्चरर प्रोफेसर और प्रमूख के रुप मे भूविज्ञान विभाग मे मैसूर विश्वाविघ्यालय कि सेवा कि है | और अंत मे खनिज संस्थान के निदेशक के रुप मे सेवा कि है| उन्होंने उल्लेखनीय शोध पत्र और दो मौलिक पुस्तके प्रकाशित कि है |
2001 मे वह काश्मीर विश्वाविघ्यालय के कुलपति बन गए थे | बाद मे उन्होंने दक्षिण एशिया फाउंडेशन के सीईओ और विश्वाविघ्यालय अनुदान आयोग यूजीसी भारत के सक्रीय सदस्या के रुप मे कार्य किया था | वह गुणवत्ता और बढती पहूंच के मुद्रदो पर उच्चा शिक्षा पर बारहवी योजना दस्तावेज तयार करने मे शामिल था |
उन्होंने पॉडिचेरी विश्वाविघ्यालय के 2007: 2013 तक कुलपति के रुप मे कार्य किया था | उन्होंने 2013 से 2015 तक चेन्नाई, भारत मे बीएस अब्दूर रहमान विश्वाविघ्यालय के कुलपति के रुप मे कार्य किया था | तारेन ने काश्मीर के अपने संस्मरणो केा एक किताब के रुप मे प्रकाशित किया है |
जिसका नाम है फायर अंडर द स्त्रोफलेक्सा द रिटर्न ऑफ काश्मीर यूनिवर्सिटी शिक्षा पर उनके विचारों का खूलासा उनकी बातचीत और साक्षात्कार से होता है | जिसमे उचचा शिक्षा सभी के लिए शिक्षा भारतीय विश्वाविघ्यालयों केा विश्वा स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना आदि शामिल है |
पूरस्कार और सम्मान :
1) तारेन कई रा्जयों के साथ साथ राष्ट्रीय पूरस्कारों के प्राप्ताकर्ता है |
2) भारत सरकार ने उन्हें 2009 मे पदमश्री से सम्मानित कि या गया था |
3) उन्हे मैसूर विश्वाविघ्यालय का स्वर्ण जयंती विज्ञान और प्रौघेगिकि पूरस्कार भी मिला है |
4) मिनरलोजिकल सोसायटी से गोल्ड मेडल अवार्ड से सम्मानित किया गया था |